कृषि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता वृृद्धि व राजस्व हानि रोकने के लिए स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना की अवधि 31 जनवरी तक बढाई

जयपुर, जयपुर डिस्कॉम द्वारा कृृषि उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व कृषि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवता में वृद्धि एवं राजस्व हानि को रोकने के लिये “स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना“ की अवधि को 31 जनवरी, 2020 तक बढाया गया है। पूर्व में यह योजना 30 नवम्बर, 2019 तक ही लागू की गई थी। 


जयपुर डिस्कॉम के प्रबन्ध निदेशक श्री ए.के गुप्ता ने बताया कि “स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना“ के अन्र्तगत यदि कृषि उपभोक्ताओं का विद्युत भार बढा हुआ पाया जावेगा तो उनसे कोई पेनल्टी राशि नही ली जाएगी और बढे विद्युत भार को मात्र 30 रुपए प्रति हार्स पावर धरोहर राशि (15 रुपए प्रति हार्स पावर प्रति माह की दर से दो माह के लिए) जमा करवा कर भार को नियमित कर दिया जायेगा। इसके साथ ही यदि उपभोक्ता इस योजना का लाभ नही उठाते है तो योजना की अवधि समाप्त होने के उपरान्त चैकिंग के दौरान यदि उनका भार स्वीकृत भार से अधिक पाया जायेगा तो ऎसे उपभोक्ताओं से बढे हुए भार पर कृषि नीति (आर.ई.ओ.-267) के अनुसार राशि वसूली जायेगी।


उन्होंने बताया कि योजना के तहत दो वर्ष तक कटे हुए कनेक्शनों को यदि उपभोक्ता भार वृद्धि के साथ जुड़वाना चाहता है तो वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है। योजना अवधि में योजना का लाभ उठाने वाले कृषि उपभोक्ताओं के लिये आवश्यक होने पर ट्रांसफॉर्मर क्षमता वृद्धि व नई 11के.वी. लाईन डालने एवं सब-स्टेशन का खर्च निगम द्वारा वहन किया जायेगा।


ऎसे कृषक जो उसी कुएं पर दूसरी मोटर लगाकर भार वृद्धि करते हैं अथवा दूसरे कुएं पर जो उसी खसरा/खेत/परिसर/मुरब्बा में हों, दूसरी मोटर चलाने के लिये भार बढाते है तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा और यदि पूर्व में दो मोटरें स्वीकृत है और कृषक उनके भार में वृद्धि करना चाहे तो वे इस योजना का लाभ ले सकते है।


“स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना“ लागू होने के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के बढे हुए भार की वीसीआर भरी जा चुकी है तो वह भी इस योजना के प्रावधानों कें अनुसार नियमित की जाएगी। योजना अवधि की समाप्ति 31 जनवरी, 2020 के उपरान्त भार सत्यापन के लिये विशेष जांच अभियान चलाया जायेगा।